Vishnu Aarti

हैलो फ्रेंड्स कैसे हो आप सब ? आज हम बात करने वाले हैं भगवान  Vishnu Aarti के बारे में भगवान विष्णु सृष्टि के निर्माण के समय से सृष्टि में है। भगवान विष्णु समय - समय पर जब - जब धरती पर पाप बढ़ा है तब - तब  भगवान विष्णु सृष्टि का संरक्षण करने के लिए अवतरित हुए हैं, तो चलिए बढ़ते है Vishnu Aarti की ओर -

Vishnu Aarti
Vishnu Aarti

विष्णु जी की आरती

ओम जय जगदीश हरे, प्रभु जय जगदीश हरे।  
भक्त जनो के संकट क्षण में दूर करे।।
ओम जय जगदीश हरे, प्रभु जय जगदीश हरे। 

जो ध्यावे फल पावै, दुख बिनसे मनका। 
सुख सम्पति घर आवे, काष्ट मिटे तनका।।
ओम जय जगदीश हरे, प्रभु जय जगदीश हरे। 

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहू किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करू जिसकी।।
ओम जय जगदीश हरे, प्रभु जय जगदीश हरे। 

तुम पुराण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
पार ब्रम्हा परमेश्वर, तुम सबके स्वामी।
ओम जय जगदीश हरे, प्रभु जय जगदीश हरे। 

तुम करुणा के सागर, तुम पालन कर्त्ता।
मैं मूरख खाल खामी,कृपा करो भर्ता।।
ओम जय जगदीश हरे, प्रभु जय जगदीश हरे।

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय, तुमको में कुमति।।
ओम जय जगदीश हरे, प्रभु जय जगदीश हरे। 

दीनबन्धु, दुखहर्ता ठाकुर तुम मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा मैं तेरे।।
ओम जय जगदीश हरे, प्रभु जय जगदीश हरे। 

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
शृद्धा-भाक्ति बढ़ाओ, संतान की सेवा।।
ओम जय जगदीश हरे, प्रभु जय जगदीश हरे।

ओम जय जगदीश हरे, प्रभु जय जगदीश हरे। 
भक्त जनो के संकट क्षण में दूर करे।।
ओम जय जगदीश हरे, प्रभु जय जगदीश हरे। 


Also Read :

Vishnu Aarti

Conclusion:

हेलो फ्रेंड्स मैं आशा करता हूँ की आपको मेरी पोस्ट Vishnu Aarti अच्छी लगी होगी यदि आपका मेरी पोस्ट्स से लेकर कोई सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स मैं पूछ सकते हैं।