Surya Aarti

Surya Aarti
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हैलो फ्रेंड्स कैसे हो आप सब आज हम बात करेंगे भगवान सूर्य के विषय में भगवान सूर्य का जन्म एक वरदान के रूप में महर्षि कश्यप के एवं उनकी पत्नी अदिति नमक के आवास में हुआ था। रविवार के दिन भगवन सूर्य की पूजा करना अच्छा माना जाता है तो चलिए बढ़ते है सूर्य आरती को ओर जिसमे भगवन सूर्य के महत्व का वर्णन है। भगवान सूर्य आरती इन हिंदी -

भगवान सूर्य आरती इन हिंदी

ओम जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान |
जगत के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा ||
धरत सब ही तव ध्यान, ओम जय सूर्य भगवान |

सारथी अरुण है प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी | 
तुम चारभुजाधारी ||
अश्व है सात तुम्हारे, कोटी किरण पसारे तुम हो देव महान ||
ओम जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान ||

उषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते |
सब तुम दर्शन पाते ||
फेलाते उजियारा जगाता तब जग सारा |
करे सब तब गुणगान ||
ओम जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान ||

संध्या में भुवनेश्वर असताचल जाते |
गोधन तब घर आते ||
गोधुली बेला में हर घर आंगन में |
हो तव महिमा गान ||
ओम जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान ||

देव दनुज नर नारी ऋषि मुनि वर भजते |
आदित्य हृदय जपते ||
स्त्रोत में मंगलकारी, इसकी हेई रचना ज्योति न्यारी |
दे नव जीवनदान ||
ओम जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान ||

तुम हो त्रिकाल रचियता, तुम के आधार |
महिमा तब अपरम्पार ||
प्राणों के सिंचन करके भक्तो को अपने देते |
बल ब्रधि और ज्ञान ||
ओम जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान ||

पूजन करती दिशाए पूजे दश दिकपाल |
तुम भवनों के प्रतिपाल ||
ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत आविनाशी |
शुभकारी अंशमान ||
ओम जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान ||

ओम जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान ||
जगत के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा ||
धरत सब ही तव ध्यान, ओम जय सूर्य भगवान ||

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Conclusion:

हेलो फ्रेंड्स मैं आशा करता हूँ की आपको मेरी पोस्ट श्री Surya Aarti अच्छी लगी होगी यदि आपका मेरी पोस्ट्स से लेकर कोई सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स मैं पूछ सकते हैं।